Saturday, July 09, 2016

सात दिन में सत्तर गाँव जलयात्रा के बुंदेलखंड से लखनऊ तक

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सात दिवसीय जलयात्रा ' तालाब एवं भूदान चारागाह मुक्ति अभियान ' समापन सत्र विमर्श 

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प्रवासनामा डेस्क / लखनऊ - 
बाँदा - सात दिनों से बुंदेलखंड में शुरू हुई लौच्क्नो तक की जलयात्रा का समापन आठ जुलाई को लखनऊ प्रेस क्लब में सम्पन्न हुआ . ' तालाब एवं भूदान चारागाह मुक्ति अभियान ' के सौजन्य से अन्नदाता की आखत / प्रवास ने यह जलयात्रा इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के युवा छात्र / छात्रा के और सामाजिक लोगो के साथ आयोजित की थी ! इस दौरान ये जलयात्रा बाँदा,महोबा - चरखारी , राठ - हमीरपुर, उरई - कालपी , कानपुर देहात - कानपुर नगर होते हुए उन्नाव के रस्ते सात जुलाई को राजधानी लखनऊ पहुंची थी ! सैट दिन में सत्तर गाँव की चौपाल में अध्ययन करने के बाद इनकी तलाश आगे भी जारी रहेगी . गौरतलब है देश,प्रदेश और प्रान्त में तालाबों / भूदान में दान की गई सार्वजनिक भमि में अवैध कब्जे किये गए है यह तब है जब एक के बाद सुप्रीम कोर्ट , उच्च न्यायलय और एनजीटी के आदेश इन्ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए आये है ! हाल ही में मथुरा - जवाहर नगर काण्ड के बाद उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाइक ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सार्वजानिक जमीन पर अतिक्रमण के सम्बन्ध में एक श्वेत पत्र लाने को लेकर पत्र भी लिखा है ! देश / प्रदेश और प्रान्त के तालाब एवं भूदान में दान की गई सार्वजनिक जमीन में अवैध कब्जे और पट्टे करके अतिक्रमण की कहानी को सामने लाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू हुआ ! बड़ी बात है कि जबसे जलयात्रा प्रारंभ हुई बुंदेलखंड पानी - पानी है ! चित्रकूट - ललितपुर और केंद नदी में बाँदा के आस - पास नदियाँ अपने खतरे के निशान से तेन मीटर ऊपर है ! हाँ जालौन में अभी भी सूखे जैसी स्थिति है ! उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब सभागार में गत 8 जुलाई को जलयात्री को संबोधित करने के लिए श्री सुधीर जैन ( अध्यक्ष आईआईएफ / स्वतंत्र पत्रकार ),श्री पियूष बबेले ( विशेष संवाददाता इंडिया टुडे / बुंदेलखंड पानी प्रहरी ), स्वामी आनंद स्वरुप ( गंगा मिशन ) ,पूर्व जीआईएस निदेशक / भूगर्भ वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर वीके जोशी, डाक्टर विजय पंडित मेरठ , विजय पाल बघेल,दुधवालाइव.कॉम से केके मिश्रा, किसान नेता शिवनारायण सिंह परिहार झाँसी, जीशान अख्तर ( दैनिक भास्कर) आदि ने उपस्थित होकर अभियान के सकारात्मक पक्ष को जलयात्री की हौसलाअफजाई में संबोधन के साथ प्रस्तुत किया ! 
                                                   



                                               
मुक्य वक्ता के रूप में सुधीर जैन ने तालाबो पर अपने वैज्ञानिक / प्रोफेसनल द्रष्टि को तर्कसंगत सार गर्भित वक्तव्य से व्याख्यान में व्यक्त किया है ! उनके संबोधन को हुबहू लिखना निश्चित ही कठिन कार्य है ! उन्होंने कहा  कि एक माह पहले लिखे लेख में मैंने बुंदेलखंड में अबकी बाढ़ की आशंका व्यक्त की थी और ये सूखे के साथ सामने है ! चंदेलकालीन तालाब से हमें सीखने की आवश्यकता है ! वही स्वामी आनंद स्वरुप ने गंगा- यमुना में बढ़ते प्रदूषण पर गहराते संकट को विचार में प्रकट करते हुए कहा कि नमामि गंगे मिशन से कुछ नही होने वाला है यह महज खाना पूर्ति के कदम है ! कितने सदानंद और सानंद ( प्रोफ़ेसर जीडी अग्रवाल ) दम तोड़ते जा रहे है और माँ गंगा म्रत्यु शैया में यथा मरने को अधमरी बह रही है ! भाई पियूष बबेले ने अपने बुंदेलखंड के ' तलाश तालाबों की - तालाब नही यहाँ जिंदगी सूख रही है ' का सन्दर्भ देकर पूर्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ 6 सदस्य के ' बुंदेलखंड पेय जल समिति ' के प्रयासों को स्मृति में रखते हुए कहा कि आज सूखे में मचे हल्ले के बीच मुख्यमंत्री का तालाबों पर संजीदा होना और तमाम लोगो का यहाँ तालाब पर अपना  अपना काम इस पहल का आधारभूत परिणाम है ! 
                                                          




जमीन हम तीन साल पहले बना चुके थे ,सुखद है आज तालाब एक विस्तार मुद्दा है बुंदेलखंड में ! उन्होंने जलयात्रा में जुटे युवा साथियों के हौसले को बधाई देते हुए कहा कि सात दिन में 70 गाँव का फेरा मीडिया के लिए मजबूत दस्तावेज बन सकता है ! युवा इसको लेखन में उतारे और शेयर करे ! उन्होंने संबोधन के बाद सुधीर जैन के साथ प्रवासनामखबर.कॉम का विमोचन भी किया ! www.pravasnamakhabar.com प्रोफ़ेसर वीके जोशी ने तालाब और पानी पर अपने अनुभव बांटे ! यात्रा में शामिल रहे रामबाबू तिवारी,नलनी मिश्रा और गौरव पाण्डेय ने अपने अनुभव शेयर किये ! विजय पाल बघेल,डाक्टर विजय पंडित ने हरियाली के उजाड़ की बाते रखी ! कार्यक्रम में निर्णय लिया गया कि जनपदों में इकाई बनाकर इसको व्यापक गति देने की आवश्यकता है ! हिंदुस्तान टाइम्स के पंकज जयसवाल , गाँव कनेक्शन के अरविन्द शुक्ला और सूचनाधिकार से जुडी उर्वशी शर्मा,तनवीर अहमद सिद्दकी इस प्रयास से अभिभूत रहे ! 

विमर्श सत्र के दौरान सुधीर जैन को स्मृति पत्र अंग वस्त्र देकर आभार प्रकट किया गया ! भाई पियूष बबेले को ' बुंदेलखंड रत्न ' सम्मान ,जीशान अख्तर को युवा चेतना,किसान नेता शिवनारायण परिहार को ' वीर बुंदेलखंड' , विजय पाल बघेल को वृक्ष मित्र , डाक्टर विजय पंडित को पर्यावरण प्रहरी स्मृति पत्र देकर आभार प्रकट किया गया ! स्वामी आनंद स्वरूप जी का आशीष कार्यक्रम में सफलता का प्रतीक बना ! आजमगढ़ से आये आवाम का सिनेमा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील दत्ता कबीर, शैलेन्द्र श्रीवास्तव नवीन,सूर्यप्रकाश तिवारी प्रवासनामा के हमदर्द बनकर तमाम आंधी की तरह इस बार भी मौजूद रहे ! उधर लोग भी अभियान के समापन के साक्षी बने ! ‪#‎अन्नदाताकीआखत




1 Comments:

At July 10, 2016 at 4:25 AM , Blogger vijay kumar joshi said...

बहुत अच्छा प्रयास. मेरी शुभकामनाएं. तुम लोगों की मेहनत अवश्य रंग लायेगी.

 

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