Tuesday, July 12, 2016

भ्रष्ट डाक्टर नन्दलाल शुक्ला ने सरकारी आवास पट्टे पर लिया !

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' जनता का मौन संरक्षण और अँधा कानून ' !

' बाँदा का दबंग कथित प्राचार्य डाक्टर नन्दलाल शुक्ला बना सरकारी आवास का अवैध पट्टेधारक ' ! - पूर्व अपर जिलाधिकारी राजस्व दयाशंकर पाण्डेय की सांठ - गाठ से एक करोड़ से ऊपर की दो मंजिला बिल्डिंग को महज 13 हजार रूपये स्टाम्प डियूटी देकर बीस वर्ष के लिए अपने नाम लीज पर कराया ! - इसके बदले में इन्ही प्राचार्य ने पूर्व अपर जिलाधिकारी की सगी बहन का आवास लखनऊ में 74 लाख रूपये में खरीदा है ! - हाल उत्तर प्रदेश शासन ने इन्हे कालेज में अवैध नियुक्ति करने / वसूली के लिए निलंबित किया था , काले कोट की पैबंद से उच्च न्यायलय से स्टे मिला !- अपने पूरे परिवार ( एक लड़का,एक भाई,बहु ) को डिग्री कालेज में अवैध तरीके से नियुक्त किये है !

बाँदा - उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले में बना पंडित जवाहर लाल नेहरु डिग्री कालेज अपने वर्षगाठ के आधे शतक पूरे कर चुका है ! बाँदा समेत कई स्थानों से आये कर्मचारी के परिवार इससे पोषित हुए, स्थानीय लोगों के बच्चे इसमे पढ़कर शिक्षित हुए है ! समय - समय पर कई प्राचार्य आये और गए उनका विरोध भी छात्र नेता अपने तरीके से करते रहे भ्रस्टाचार के मुद्दों पर !

लेकिन वर्ष 2003 - 04 में नियुक्त हुए अतर्रा डिग्री कालेज के पूर्व प्रवक्ता डाक्टर नन्दलाल शुक्ला ने अवैध कृत्यों की सर्जना में नया कीर्तिमान बना डाला है !




इन्होने कालेज में जो घपले - घोटाले किये वो इतने संजीदा है कि स्थानीय मिडिया के पैरों में घुंघरू बांध दिए गए सेवाशुल्क से और आला अधिकारी प्राचार्य के साथ एक ही मंच में गलबहिया डाले थिरकते है गाहे - बगाहे ! यह तस्वीरों में रजिस्ट्रार बाँदा के दफ्तर से प्राप्त वो दस्तावेज है जो बतलाते है कि प्राचार्य ने एक आम आदमी की हैसियत से बिना पदभार खोले अपने नाम से प्राचार्य के सरकारी संस्थागत आवास ( दो मंजिला मानक विपरीत बना है यूजीसी के रुपयों से ) को पूर्व अपर जिलाधिकारी दयाशंकर पाण्डेय की सरपरस्ती में बीस साल के लिए पट्टा करा लिया है ! मैंने चित्रकूट मंडल आयुक्त / महानिरीक्षक निबंधन को इसकी शिकायत की है ! यह खबर आंशिक रूप में 12 जुलाई को बाँदा में उजाला,हिंदुस्तान,आज,राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित हुई है ! वे पत्रकार जो एक मरे तीन घायल और अदनी खबरें आधे पेज में रंगते है उन्हें प्राचार्य ने पहले की तरह मिठाई / रुपया सुंघा दिया ! मालूम रहे इस दो मंजिला सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित ( जिलाधिकारी आवास के सामने ) की सर्किल रेट मात्र तीन लाख रूपये आंकी गई गई और तेरह हजार रूपये महज लिखापढ़ी में दिए गए यानि राजस्व चोरी भी की गई ! साथ ही जिस प्राचार्य को वर्ष 2019 में सेवामुक्त होना है उसने यह कारनामा किस नियत से किया है एडीएम दयाशंकर पाण्डेय के साथ मिलकर ? नियमानुसार कामर्शियल भवन तो लीज होते है पर अधिकारी के सरकारी आवास भी पट्टे / लीज कर दिए जाते है क्या ? तब अगला प्राचार्य कहाँ रहेगा ? प्राचार्य का कहना है सब कुछ वैध है ! गौरतलब है अपर जिलाधिकारी बाँदा इस कालेज के प्रसाशक है मालिक नही ! ये उच्च न्यायलय के आदेश पर है ! बिना प्रबंध कमेटी के सहमती के ये दुष्कृत्य किस प्रयोजन के लिए हुआ यह विचारणीय है ! कालेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गर थोड़ी से पानीदारी जिंदा हो तो इस कालेज को गिरवी / बर्बाद होने से जनहित में बचा लो ! बकिया जनता तो मौन संरक्षण दिए ही है !

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