Monday, May 09, 2016

भारतीय किसान यूनियन (भानु ) की ' बुन्देली पानी पंचायत ' 31 मई को झाँसी में !

‪#‎Droughtbundelkhand‬ ‪#‎BhartiyaKisanYuniyanBhanugut‬ 

'' 31 मई को झाँसी में होगी भारतीय किसान यूनियन ( भानु ) की वीर 

भूमि बुंदेलखंड में पानी पंचायत '' !-----------------------------

बुंदेलखंड में दिहाड़ी और खेतिहर किसानों के साथ 100% सियासत के मैदान तैयार किये जा रहे है ! पार्टियों के गठजोड़ से लेकर स्वराज्य तक तक महज राजनीति हो रही ! केंद्र की यूपीए सरकार के ' वायसराय ' और अभियान के पुरोधा साथ 31 मई को महोबा आयेंगे जिसमे लातूर से लेकर बुंदेलखंड का महोबा शामिल है ! देखना यह है कि यहाँ समस्या का समाधान होता है या उसका गायन मात्र या फिर अपने कामों की मार्केटिंग ! इसके पूर्व भी महोबा में घोषित जलपुरुष कीरत सागर, मदन सागर में कुछ फावड़े चलाकर इतिश्री कर चुके है ! तस्वीरें ली गई ख़बरें बनी और अभियान दिल्ली में थोथे गांधी छाते की छाँव में संपन्न हुए ! बुन्देलखंड को चारागाह समझकर अपना उल्लू सीधा करने की आकांक्षा और छल परंपरा को पूर्ण विराम दीजिये भामाशाहों ! आपके इन कृत्य से अगर हमें पानी नही मिला, हमारे सीमान्त / पट्टीदार / बटाईदार किसान का कर्जा माफ़ नही हुआ और बुंदेलखंड के हर तालाब पानीदार नही हुए अतिक्रमण से मुक्त होकर तो इस जलसे में रहे प्रत्येक व्यक्ति को विरोध का सामना करना पड़ेगा ! गौरतलब है कि महोबा से लेकर अगर कही का भी क्रेशर माफिया ,एनजीओ माफिया या फोटो खीचाऊ लोग किसानों के साथ धोखेबाजी किये तो नेताओं से लेकर उनके एजेंटों तक को खामयाजा भुगतना होगा ! कभी घास खिलाना और पानी पर सियासत करना अबकी बर्दास्त न होगा !
                                                      

 हमारी मांगे है कि बुंदेलखंड को राज्य बनाये,बुंदेलखंड किसान आयोग का गठन करे ( बुन्देली किसान प्रतिनिधि ही रखे जाए ) ,बुंदेलखंड विशेष पैकेज की सीबीआई जाँच होवे , बुंदेलखंड में यहाँ के रहवासी को लेकर ही खनन नीति बनाई जावे , किसानों का पूर्ण कर्जा - बिजली बिल माफ़ी हो,केन- बेतवा नदी गठजोड़ से विस्थापित आदिवासी किसानों को पूर्ण मुआवजा पन्ना टाइगर रिजर्व को बिना उजाड़ किये प्रदान करना होगा अन्यथा यह बांध स्वीकार नही होगा,महोबा के कबरई में निर्माणधीन अर्जुन सहायक बांध से विस्थापित किसानों को मुआवजा दो,बुंदेलखंड के रनगँवा,बरियार पुर बांधो का दुरुस्तीकरण शीघ्र किया जाए,बुंदेलखंड के प्रत्येक जनपद में ग्रामीण- शहरी लोगों को बारिश के पानी को संचय करने के लिए सख्ती से निर्देश देवे जिसके लिए निष्पक्ष निगरानी समिति बने,भूदान आन्दोलन में मिली सार्वजनिक चारगाह की भूमि अतिक्रमण से मुक्त होनी चाहिए ताकि अन्ना प्रथा पर रोक लगे.ललितपुर विद्युत पावर प्लांट से विस्थापित किसान को मुआवजा और प्लांट में नौकरी चाहिए.
( तस्वीर मध्यप्रदेश के अजयगढ़ विकासखंड के मंझपटिया गाँव में सूखा पड़ा कुआं और चित्रकूट के देवांगना घाटी के रुक्माखुर्द में फांकाकशी पर बुढ़ापा बसर करता आदिवासी किसान ) - @ भारतीय किसान यूनियन(भानु) शिवनारायण सिंह परिहार,बुंदेलखंड अध्यक्ष एवं आशीष सागर ,बुंदेलखंड प्रवक्ता / ललितपुर जिला अध्यक्ष बाबीराजा,बाँदा महिला जिला अध्यक्ष सुमनलता पटेल

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